Saturday, October 4, 2014

मदिरा, सेक्स, चॉकलेट अथवा इन्टरनेट :इनमे सबसे ज्यादा क्या चाहते भारतीय  
कितना लगाव है भारतीयों को इन्टरनेट से? जवाब मिलता है बहुत ज्यादा 
एक अंतर्राष्ट्रीय सर्वे से पता चलता है कि दुनिया के अन्य देशों के मुकाबले भारतीय लोग इन्टरनेट का उपयोग ज्यादा करते हैं. ये सर्वे भारत की ही संचार प्रदाता कंपनी टाटा कम्युनिकेशन ने किया है. सर्वे में 6 देशों से 9,417 लोग शामिल हुए. इसमें भारत, यूएस, यूके, सिंगापूर, जर्मनी और फ्रांस के लोगों ने भाग लिया.
32.5% भारतीय ६ से १२ घंटे इंटरनेट का इस्तेमाल करते हैं. जबकि 14% भारतीय 12 घंटे या उससे अधिक देर इंटरनेट का उपयोग करते हैं, जो अन्य सभी देशों का दोगुना है. सिर्फ 44 प्रतिशत भारतीय मानते हैं कि वो १२ घंटे बिना इन्टरनेट चलाये रह सकते हैं- जो सर्वे में शामिल अन्य देशों के मुकाबले सबसे कम है. 53 फीसदी भारतीय इन्टरनेट न होने पर उसकी कमी महसूस करते हैं. तो वहीं 18 फीसदी काफी बेचैन हो जाते हैं. इन्टरनेट की ऐसी निर्भरता अन्य देशों के लोग नही महसूस करते हैं.
इन्टरनेट के बदले सेक्स जैसी राय भारतीयों कम ही रखते हैं. वे बिना पलक झपकाए टेलीविजन देख सकते हैं. सर्वे के मुताबिक 43 फीसदी भारतीय टेलीवजन के बदले इन्टरनेट का उपयोग करना पसंद करते हैं. लेकिन 19 फीसदी शराब के बदले इन्टरनेट और 4 फीसदी अपने कुंवारेपन के बदले इन्टरनेट का उपयोग करना पसंद करेंगे. जोकि अन्य देशों की तुलना में बेहद कम है.
इन्टरनेट के प्रति ऐसा रवैया गूगल और फेसबुक जैसी कम्पनियों के लिए बहुत ही अच्छी खबर है, जो भारत में बड़ते इंटरनेट उपभोक्ताओं को आधार बनाकर अपना विस्तार कर सकती हैं. गूगल के मैनेजिंग डायरेक्टर राजन आनंदन मानते हैं और कहते हैं २०१४ के आखिर तक भारत में इन्टरनेट उपभोक्ताओं की संख्या यूएस से भी ज्यादा हो जाएगी.
अभी जल्द ही गूगल ने एंड्राइड वन लांच किया है- ये फ़ोन गूगल के नेक्सस की तरह ही है लेकिन ये काफी सस्ता है- आशा है इस सस्ते स्मार्टफ़ोन के आने से लगभग 1 करोड़ भारतीय जो पहली बार इन्टरनेट का उपयोग करेंगे. गूगल एंड्राइड, क्रोम और गूगल अप्प्स के वाईस प्रेसिडेंट सुंदर पिचाय कहते हैं अभी भारत में लगभग एक अरब लोग इन्टरनेट का उपयोग करने से वंचित हैं.
लेकिन इन्टरनेट का ऐसा जूनून लोगों अपने आपे से बाहर भी कर सकता है. मतलब इन्टरनेट के साइड इफ़ेक्ट भी हैं. राष्ट्रीय मानसिक स्वास्थ्य और तांत्रिक विज्ञान के एक शोध से पता चला है की बंगलोर में 73 फीसदी अल्पयुवा मनोवृति तनाव से ग्रसित हैं और इसके पीछे जो कारन पाया गया है वो इन्टरनेट की लत है.

भारत में इसके चलते कई जगह इन्टरनेट की लत से छुटकारा पाने के लिए केंद्र भी खुल गये हैं. ऐसे केंद्र यूएस में काफी मशहूर है, लेकिन धीरे-धीरे ये कांसेप्ट भारत में भी गति पकड रहा है. ऐसे युवा जो इस लत से ग्रसित हैं वो इंटरनेट का खूब इस्तेमाल करते है, बहुतों को जब इन्टरनेट नही मिलता है तो वो पैसा चुराकर साइबर कैफ़े भी जाने में नही झिझकते हैं. भारत में इस तरह का केंद्र सबसे पहले बैंगलोर में उसके बाद दिल्ली में और अभी जल्द ही पंजाब में खोला गया है.    

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