Wednesday, April 23, 2014

                      22/4/2014         मेरा यादगार दिन
अगस्त 1997 में गाँव की प्राइमरी पाठशाला से मेरा एडमिशन नजदीकी छोटे से कसबे (इकौना) के एक प्राइवेट स्कूल (मॉडर्न पब्लिक स्कूल ) में कराया गया ... टेस्ट में अच्छे नंबर मिलने की वजह से मुझे डायरेक्ट क्लास 2 में एडमिशन मिल गया ... पांचवी तक टॉप करने के बाद जब ६ में स्कूल बदलने की वजह से टॉप करने की आदत छूट गयी क्यूंकि अब देश दुनिया में ज्यादा और पढाई में मन कम लगने लगा .. क्रिकेट खेलने का शौक ने मुझे कही न कही  पढाई  में औसत कर  दिया.. लेकिन मुझे कभी ये नही लगा की  फला से मुझे कम आता है .. हालाँकि मुझे बात करना है आज पर 17 साल के इस गोल्डन पीरियड अगर मुझे खला तो मास्टर डिग्री की आखिरी क्लास क्यूंकि अब मेरी ज़िन्दगी से मेरा छात्र जीवन विदा ले रहा है ... अब शायद ही मैं  किसी क्लास का छात्र बन सकूँ ! अब तक जो सीखा है उसे दिखाने की बारी अब आ गयी है , थोदा नर्वस हूँ दिल की धडकने बढ़ रही हैं आज कल ! हर कोई कहता है छात्र जीवन ही ज़िन्दगी का सबसे खूबसूरत पल है ...मैं भी मानता हूँ और तहेदिल से स्वीकार भी करता हूँ ... क्यूंकि आज से न अब सुबह क्लास करने के लिए तैयार होना पढ़ेगा ,दोस्तों को परेशां करने का अब शायद ही वक्त मिले , सही गलत का फ़र्क बताने वाला भी अब साथ में नही होगा . अब ज़िन्दगी के सारे  फैसले खुद के तजुर्बे से लेने होंगे न नोट्स की न एग्जाम की चिंता न किसी से कम मार्क्स पाने जलन होगी अपनी प्यारी पीछे वाली सीट भी अब नही होगी .. ज़िन्दगी के दुसरे पढाव की शुरुआत में लटके झटके भी झेलने होंगे जहाँ सिर्फ काम की कीमत होगी ! हर चीज प्रोफेशनली लेना होगा .. भावो को दबाना और काम को पूरण करने की ज़िम्मेदारी होगी ...कैंटीन की चाय तो होगी पर इतने सारे दोस्त नही होंगे पास पैसा होगा पर किसपर खर्च करें वो साथी नही होंगे ... पर ज़िन्दगी तो आगे बढ़ने का नाम है और नवीन बदलाव को आत्मसात करते हमे आगे बढ़ना है .. क्यूंकि बहुत सारी चीजे हमारा इन्तजार  कर  रही हैं जिसे पूरा करना ही हमारी पहली प्राथमिकता होनी चाहिए ..
एक बात और है जो रुका है वो थमा है तो हमे सिर्फ चलना है और चलते जाना और कर्म को निरंतर करते रहना है ... क्यूंकि समुद्र की लहरें थमती नही हैं इसलिए उसकी विशालता बरकरार रहती है .. बाक़ी तालाब में भी पानी होता है और एक समय आने पर वो सूख जाता है ...



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