Monday, April 14, 2014

तेरे साथ जो बिताया पल है ,
खुद को भूला तुमको जिया है,
तुम्हारे लिए लम्हे होंगे वो ,
मैंने तो सदियाँ समझा है ,
बारिश गवाह है ,
तो  धूल और धूप तुम कैसे भूलोगी ,
ठंडक की ठण्ड हवा हमारी यादों को ठंडा नही कर सकती,
क्यूंकि आने वाली हवाएं गर्म हैं ,
जो हमारे रिश्ते में गर्माहट भर देंगी।  

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